महाराष्ट्र का मेगा प्रोजेक्ट अब अंतिम चरण में (Mumbai Pune Express Missing Link)
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के बहुप्रतीक्षित ‘मिसिंग लिंक’ प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा पड़ाव, 650-मीटर केबल-स्टेड ब्रिज, लगभग पूरा होने वाला है। यह ब्रिज और पूरी 13.3 किमी की नई बाइपास कॉरिडोर, खासकर दुर्घटनाओं के लिए बदनाम खंडाला घाट को बायपास करेगा, जिससे सफर और आरामदायक और सुरक्षित हो जाएगा।
Mumbai Pune Express Missing Link सफर में बचेगा 25-30 मिनट का समय
इस Missing Link का निर्माण मानसून के बाद बहुत तेजी से हो रहा है और अब सिर्फ एक छोटा डेक पार्ट कनेक्ट होना बाकी है। एक्स्प्रेसवे का नया सेक्शन दिसंबर 2025 तक खोलने की योजना थी, लेकिन अब अधिकारियों ने अनुमान जताया है कि ब्रिज मई 2026 तक पूरी तरह चालू हो जाएगा (फाइनल टेस्टिंग और अप्रूवल के बाद)।
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बदलेगा सफर का अनुभव
अब यात्रियों को 6 किलोमीटर कम दूरी तय करनी होगी और तेज, लगभग सीधे मार्ग के कारण 25-30 मिनट तक समय बचेगा। खंडाला घाट की तीखी चढ़ाई और मोड़ वाली सड़क को बायपास कर, लंबी दूरी के वाहन और रोज यात्री दोनों को बेहतर सुविधा मिलेगी। खासकर, भारी ट्रैफिक और एक्सीडेंट्स की समस्या इस सेक्शन में घटेगी।
Mumbai Pune Express Missing Link
प्रोजेक्ट के फायदे
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यात्रा समय में 25-30 मिनट की सीधी कटौती
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6 किमी कम दूरी, ऊर्जा-ईंधन दोनों की बचत
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खंडाला घाट के खतरनाक हिस्से का बायपास
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स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम और बेहतर सुरक्षा
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क्षेत्रीय विकास और लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा मिलना
सुरक्षा और स्मार्ट फैसिलिटीज
इस बाइपास कॉरिडोर पर एडवांस्ड इमरजेंसी मेडिकल सर्विस, इंटेलीजन्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS), और स्मार्ट सेंसर्स लगाए जाएंगे। इसका उद्देश्य है पूरी तरह से एक “Zero Fatality Corridor” बनाना, ताकि सड़क सुरक्षा को नया स्तर मिले